‘कोई कोई जाने कैसा नशा है नाम का। वो ही जाने प्याला पिया, प्रेम...
‘कोई कोई जाने कैसा नशा है नाम का। वो ही जाने प्याला पिया, प्रेम के जाम का’।|
रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम,...
महंगाई में जरूरी है बचत, खर्चों पर लगाएं लगाम
महंगाई में जरूरी है बचत, खर्चों पर लगाएं लगाम
बचत करना बहुत बड़ी बात नहीं है। लेकिन बचत का प्रबंधन करना बहुत बड़ी बात है।...
कालका-शिमला रेल सफर, एक दिलचस्प यात्रा
कालका-शिमला रेल सफर, एक दिलचस्प यात्रा :
रेल में सफर करना किसे नहीं सुहाता। अगर बात कालका शिमला रेल की हो तो क्या कहने! इस...
dna: डीएनए के लिए कदम बढ़ाएं
रूहानी सत्संग (26 मार्च 2017) पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा, सरसा
डीएनए के लिए कदम बढ़ाएं dna
यह कलियुग का भयानक समय...
दातार की रहमत से बेटे की मुराद हुई पूरी
सत्संगियों के अनुभव : पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की अपार रहमत
दातार की रहमत से बेटे की मुराद हुई पूरी
मास्टर सुरेशपाल इन्सां पुत्र श्री देस राज इन्सां गाँव झरौली खुर्द डाकघर कलसानां जिला कुरुक्षेत्र(हरियाणा), पूज्य गुरु जी की अपार रहमत का वर्णन करते हुए बताते हैं कि मेरे दो पुत्रियां थी, परन्तु मन में हमेशा यही ख्याल रहता कि अगर वाली दो जहान पूज्य सतगुरु जी एक पुत्र बख्श दें तो बहुत बढ़िया हो जाए।
जब यहां आकर मस्त हो उठी मौज डेरा सच्चा सौदा मौज मस्तपुरा धाम श्री...
डेरा सच्चा सौदा मौज मस्तपुरा धाम श्री जलालआणा साहिब
जब यहां आकर मस्त हो उठी मौज
पूजनीय परमपिता जी ने पहला टक लगाकर विधिवत रूप से...
…ताकि सब इन्सान बनें – जाम-ए-इन्सां गुरु का की 15वीं वर्षगांठ
...ताकि सब इन्सान बनें - जाम-ए-इन्सां गुरु का की 15वीं वर्षगांठ
रूहानी जाम इन्सानियत के गुणों से भरपूर एक रूहानी टॉनिक है। ताकि सब इन्सान...
jaam-e-insan: ये है रूहानी जाम ‘जाम-ए-इन्सां गुरु का’ 10 वीं वर्षगांठ
ये है रूहानी जाम ‘जाम-ए-इन्सां गुरु का’ 10 वीं वर्षगांठ :jaam-e-insan
इन्सानियत को बल बख्शता है, रूहानी जाम सोई इन्सानियत को जगाता है, रूहानी जाम।...
पूज्य परम पिता जी की रहमत
सत्संगियों के अनुभव
पूज्य परम पिता जी की रहमत ,गोद में बिठा ले गए निजधाम
स्व. श्री राम सिंह नम्बरदार पुत्र श्री मुधरा राम,...
बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में नहीं, अपने दिलों में जगह दो, सम्मान दो : पूज्य...
बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में नहीं, अपने दिलों में जगह दो, सम्मान दो : पूज्य गुरु जी
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी...







































































