Hydrotherapy

Hydrotherapy: जल-चिकित्सा: चेहरा बने कांतिमय

‘बार-बार धोएं। जब भी फुर्सत मिले, जल से चेहरा धोएं। जल चिकित्सा से बेहतर कोई कारगर उपाय नहीं, चेहरे को कांतिवान बनाने में और रूप लावण्य बरकरार रखने में। यूँ तो प्रकृति में प्राकृतिक सम्पदा बिखरी पड़ी है। उनके बारे में जानकारी हासिल करने भर की देर है। हम तरह-तरह से उन्हें प्रयोग में लाकर चेहरे का सौंदर्य बढ़ा सकते हैं मगर जल यानि पानी मुफ्त में और सर्वत्र सुलभ है। चेहरे की सौंदर्य वृद्धि हेतु बार-बार जल से चेहरा धोना एक प्राकृतिक विधि है।

शुरु से ही बच्चों में प्रात: उठते ही सबसे पहले स्वच्छ जल से मुंह धोने की आदत डालनी चाहिए। मुंह धोते समय आँखों को भी पानी छपक-छपक कर धोना चाहिए। इससे आँखों को आराम और राहत मिलती ही है, साथ ही आँखों द्वारा निकलने वाले विकारी अवयव भी धुल जाते हैं। आँखों का व्यायाम भी हो जाता है, जिससे आँखों की रोशनी भी बढ़ती है।
इसके अलावा सोते समय हमारे चेहरे पर जो रोमछिद्रों द्वारा चिपचिपा तैलीय पदार्थ स्रावित होता है, वह भी धुल जाता है और चेहरा खिला-खिला सा प्रतीत होने लगता है।

आजकल की भागदौड़ वाली जिदंगी में अक्सर कई घंटों तक घर से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में मेकअप अधिक देर तक टिका रहे, यह भी एक समस्या होती है मगर फिक्र न करें। मेकअप करने से पहले चेहरा अच्छी तरह धो लें। और नहीं तो बर्फ घिस लें। मेकअप अधिक देर तक टिका रहेगा।Make a face mask at home -sachi shiksha hindi

जब भी आपको थकान महसूस हो, चेहरा, गर्दन, हाथ, कोहनी, कान के पीछे अच्छी तरह धोएं (पैर भी)। सारी थकान पलक झपकते दूर हो जाएंगी और आप टेंशन फ्री हो जाएंगी। जब भी आप बाहर से घर लौटें, सर्वप्रथम चेहरा आदि स्वच्छ जल से धोएं ताकि धूल कण तथा पसीना और प्रदूषित वायु, धुएं आदि का प्रभाव जाता रहे और त्वचा साफ सुथरी, कोमल तथा लावण्ययुक्त हो जाए।

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अगर आपकी त्वचा तैलीय है और खूब जमकर पसीना आता है, ऐसी स्थिति में भी चेहरे को बार-बार ठण्डे पानी से धोना चाहिए। यह एक कारगर उपाय है। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है और कील मुंहासे निकलते रहते हैं तो ऐसी स्थिति में चार या पांच बार दिन में ठण्डे पानी से चेहरा धोएं और टावेल से रगड़ कर नहीं, थपक कर सुखा लें। मुंहासे बढ़ेंगे या फैलेंगे नहीं।

रात्रि में सोने से पहले चेहरे का सम्पूर्ण मेकअप उतार लें और फिर चेहरा अच्छी तरह से धोएं। इससे रोमछिद्र खुल जाएंगे और शरीर के भीतर की गंदगी का आसानी से विसर्जन हो सकेगा। साथ ही आरामदायक निद्रा भी आएगी। चेहरा धोते समय बार-बार हाथों की ओक बनाकर बार-बार पानी का छपाका चेहरे पर लगाएं तो इससे आँखों की सफाई आसानी से होती है। मुँह की भी सफाई हो जाती है।

ऐसा करना त्वचा को भाता है और रक्ताभिसरण क्रिया तीव्र हो जाती है जिससे शरीर स्थित कोषों एवं ऊतकों को अधिक से अधिक आॅक्सीजन की प्राप्ति होती है और कार्बन डाई-आक्साईड श्वसन क्रिया के माध्यम से शरीर के बाहर उत्सर्जित हो जाती है। ऐसे में शरीर हल्का एवं तनावरहित महसूस करने लगता है। थकान गायब हो जाती है, सो अलग।

मुँह धोने के लिए गर्मी में ठण्डे पानी का प्रयोग उचित रहता है। अगर साधारण पानी सूट न करे तो मिनरल वाटर का भी प्रयोग किया जा सकता है। अत: बार-बार धोएं। धोने का सबब है हमारे चेहरे को कांतिवान, निरोग, स्वस्थ एवं लावण्ययुक्त तथा सुंदर बनाना। पर ध्यान रखें साबुन, फेसवॉश का प्रयोग न करें। दिनभर में अधिक से अधिक दो बार माइल्ड फेसवाश प्रयोग करें। -सेतु जैन

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