Mangoes सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जहरीला आम
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक और स्वस्थ आहार का सेवन जरूरी है। इससे भी जरूरी है कि आप अच्छी गुणवत्ता वाली चीजों का सेवन करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से खाने पीने की चीजों में मिलावट बढ़ती जा रही है, कई प्रकार के रसायनों और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जा रहा है,
इससे सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है। खाद्य पदार्थों में हानिकारक रसायनों के मिश्रण या फिर उच्च गुणवत्ता वाले तत्वों की जगह सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल कई प्रकार के रोगों का जोखिम बढ़ाने वाला हो सकता है। दूध से लेकर चावल-मसालों में मिलावट के साथ फलों-सब्जियों को पकाने के लिए कई ऐसे हानिकारक चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो किडनी-लिवर सहित कई अंगों को गंभीर क्षति पहँुचाने वाली हो सकती हैं। इन दिनों अगर आप भी बाज़ार से लाकर आम खा रहे हैं तो सावधान हो जाइए! आपकी थोड़ी सी लापरवाही शरीर के लिए बहुत हानिकारक हो सकती है।
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हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल
आम वैसे तो हमारी सेहत के लिए बहुत लाभप्रद फलों में से एक है। ये विटामिन-ए और सी के साथ फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। पर आम खाने के दौरान बरती गई छोटी सी लापरवाही से कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और पॉइज़निंग तक का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आम और कई अन्य फलों को पकाने के लिए अप्राकृतिक तरीके प्रयोग में लाए जाते हैं। इसके लिए कैल्शियम कार्बाइड नामक रसायन का इस्तेमाल होता है। कैल्शियम कार्बाइड को मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।
कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल
आम, केला, पपीता जैसे फलों को समय से पहले पकाने और बाज़ार में उपलब्ध कराने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल होता रहा है। अध्ययनकर्ता बताते हैं, शरीर में अगर लंबे समय तक इसकी थोड़ी मात्रा भी जाती रहती है तो ये किडनी-लिवर जैसे अंगों के लिए गंभीर समस्या बढ़ाने वाली हो सकती है। कैल्शियम कार्बाइड को जब पानी में मिलाया जाता है तो इससे एसिटिलीन गैस निकलती है। एसिटिलीन गैस ही फलों को पकाने का काम करती है। अध्ययनों में पाया गया है कि कैल्शियम कार्बाइड और एसिटिलीन गैस दोनों से कई स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
आहार विशेषज्ञ बताती हैं, कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों को अगर आप बिना अच्छी तरह से धोए खाते हैं तो इससे विषाक्तता होने का खतरा रहता है। ये मनुष्यों के लिए जहरीले हो सकते हैं। शरीर में इसकी अधिकता त्वचा की गंभीर समस्याओं के साथ पॉइजनिंग और किडनी फेलियर तक का जोखिम, बढ़ाने वाली हो सकती है। फल उत्पादन उद्योग में काम करने वाले श्रमिक जो कैल्शियम कार्बाइड के अत्यधिक संपर्क में रहते हैं, उनमें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। इसके कारण पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होना), कार्डियक अरेस्ट, कोलन और प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम हो सकता है।
ये सावधानियाँ बरतनी जरूरी
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, फलों-सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायनों से बचे रहने के लिए जरूरी है कि इनके सेवन से पहले उसे कम से कम आधे घंटे पानी में भिगोकर रखें और अच्छे तरीके से पानी से साफ करके ही इसका सेवन करें। आर्गेनिक चीजों का सेवन करें। बेमौसम मिलने वाली चीजों को अप्राकृतिक तरीकों से तैयार किया या पकाया जाता है, ऐसी चीजों के सेवन से बचना चाहिए।



































































