Anger: क्रोध छोड़ें, शांत रहें
क्रोध छोड़ें, शांत रहें Anger -पूज्य गुरु संत डॉ. एमएसजी फरमाते हैं कि जब भी आपको क्रोध आता है, तो आप आईना देखें। आप...
अधिकारी जीवात्मा को दिया ऊँचा मुकाम -सत्संगियों के अनुभव
अधिकारी जीवात्मा को दिया ऊँचा मुकाम -सत्संगियों के अनुभव - पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज का रहमो-करम
मेरी माता को शंका हो गई...
तेरी अब बल्ले-बल्ले है’ -सत्संगियों के अनुभव
तेरी अब बल्ले-बल्ले है’ -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
बहन प्रितपाल कौर इन्सां पत्नी प्रेमी सुखमंदर सिंह इन्सां...
Thank you: उपकृत करने वाले का कीजिए धन्यवाद
Thank you: उपकृत करने वाले का कीजिए धन्यवाद
दिन-रात, सोते-जागते, उठते-बैठते हर समय मनुष्य को परमपिता परमात्मा का धन्यवाद करते रहना चाहिए। एक वही ऐसा...
बेटा! यह शब्द बोलो!! -सत्संगियों के अनुभव
बेटा! यह शब्द बोलो!! -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
रणजीत सिंह पुत्र सचखंडवासी हवलदार प्रेमी केहर सिंह जी...
पावन वचन पूज्य मौजूदा गुरु जी के रूप में पूरे हुए -सत्संगियों के अनुभव
पावन वचन पूज्य मौजूदा गुरु जी के रूप में पूरे हुए -सत्संगियों के अनुभव -पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज की दया-मेहर
प्रेमी रणजीत...
दोबारा नाम-शब्द लेने वालों को ऐसे बाहर भेजा
दोबारा नाम-शब्द लेने वालों को ऐसे बाहर भेजा
सत्संगियों के अनुभव
पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज की कृपा-दृष्टि
ज्ञानी करतार सिंह गांव रामपुर थेड़ी(सरसा) से...
लेते ही जन्म भूल गया जो वायदा किया है। बचपन में खेला खाया, फिर...
spiritual satsang रूहानी सत्संग: पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सरसा
लेते ही जन्म भूल गया जो वायदा किया है।
बचपन में खेला...
Foundation Day: सच्चा सौदा सुख दा राह… 72वें रूहानी स्थापना दिवस
सच्चा सौदा सुख दा राह... 72वें रूहानी स्थापना दिवस (29 अप्रैल) पर विशेष Foundation Day
सच्चा सौदा यानी ‘सच’ मालिक, अल्लाह, वाहेगुरु, राम, गॉड, खुदा,...
मेरा सतगुरु ‘मोया राम’ नहीं, वो ‘जिंदाराम’ है
फरवरी 1960 में मेरी शादी हुई। जब शादी हुई तो मेरे पति बीमार थे। वह इतने बीमार थे कि कुछ खाते-पीते नहीं थे। हर कोई कहता था कि ये बचेंगे नहीं, चोला छोड़ेंगे। उन दिनों में बेपरवाह मस्ताना जी महाराज डेरा सच्चा सौदा रानियां में पधारे हुए थे।














































































