Arthritis

गठिया रोग Arthritis में राहत दिलाएंगे ये योगासन -तपती गर्मी के बाद मानसून का सीजन ठंडक और ताजगी तो पहुंचाता है, लेकिन अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है। बारिश के मौसम में गठिया के मरीजों की परेशानी काफी बढ़ जाती है। इस मौसम में जोड़ों का दर्द, सूजन और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं काफी परेशान करती हैं। दरअसल, बारिश और उमस के कारण वातावरण का दबाव कम हो जाता है, जिसके कारण मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। इसके अलावा, बारिश के मौसम में शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है, जिससे अर्थराइटिस का दर्द और भी बढ़ जाता है। अगर आप भी बारिश के मौसम में गठिया के दर्द से परेशान हैं, तो इससे राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं।

वृक्षासन:

Vrishkshanइस आसन को करने के लिए योगा मैट पर खड़े हो जाएं। अब अपने दाहिने पैर को घुटने को मोड़ें और दाहिने पैर के तलवे को बाएं पैर की जांघ पर सटाने का प्रयास करें। इस दौरान अपने बाएं पैर पर शरीर का वजन संतुलित करें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें। इसके बाद सांस लेते हुए, अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं। इस स्थिति में 30-60 सेकंड तक रहें। फिर सांस छोड़ते हुए आरंभिक मुद्रा में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

सेतुबंधासन

setuइस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें। अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं। इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए आरंभिक मुद्रा में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

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मार्जरी आसन

cat poseइस योगासन को करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें। अपने दोनों हाथों पर भार डालते हुए, अपने हिप्स को ऊपर उठाएं। अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं। अब सांस भरते हुए, अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं। अपनी नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ ढकेलें और टेलबोन को ऊपर उठाएं। अब अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए, अपने सिर को नीचे की ओर झुकाएं और मुंह की ठुड्डी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें। इस स्थिति में अपने घुटनों के बीच की दूरी को देखें। अब फिर से अपने सिर को पीछे की ओर करें।

नोट: कोई भी आसन इसके माहिर की देख-रेख अथवा दिशा-निर्देशन में ही करें।