time management

time management: टाईम मैनेजमेंट का महत्व

टाईम मैनेजमेंट न केवल आॅफिस के लिए बल्कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए एक आवश्यक तरीका है। समय की अवहेलना करके कोई भी व्यक्ति सफलता की एक सीढ़ी भी नहीं चढ़ सकता, बुलंदियों की तो बात ही छोड़ दें।

क्या आप आफिस में कुशलतापूर्वक असरदार तरीके से कार्य करते हैं? आप अपने काम पर फोकस रह कर अंजाम देते हैं या ध्यान इधर-उधर भटकने लगता है?

अपने आफिस टाइम को कुशलता से आर्गेनाइज़ करने और कार्य के ज्यादा से ज्यादा अच्छे रिज़ल्टस प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित कुछ बातें आप ध्यान में रख सकते हैं।

  • कार्य करते हुए टेलीफोन की डिस्टर्बेंस से बचने के लिए आंसरिंग मशीन का इस्तेमाल किया जा सकता है और संभव हो तो सेक्रेटरी की सेवा ली जा सकती है। उसके बाद प्रत्येक दिन कुछ समय उन टेलीफोन कॉल्स का उत्तर देने के लिए तय किया जा सकता है। इस प्रकार आप कार्य के अच्छे रिज़ल्टस प्राप्त कर सकते हैं और उस पर बेहतर फोकस रख सकते हैं।time management
  • यह महत्त्वपूर्ण है कि आप व्यावधान जैसे टेलीफोन और ईमेल का कम से कम प्रयोग करने के लिए जो कर सकते हैं,करें।
  • काम के दौरान ईमेल का व्यावधान काफी बढ़ गया है जो आपको काम पर एकाग्रचित्त नहीं होने देता, इसलिए कुछ समय आप ईमेल्स से डील करने के लिए अलग से तय कर लें और बाद में सारे दिन अपना ईमेल प्रोग्राम बंद करके रख दें या कम से कम ईमेल्स का तत्काल नोटिफिकेशंस बंद कर दें।
  • प्रत्येक दिन आॅफिस छोड़ने से पूर्व अगले दिन के लिए जो कार्य करने हैं (टू-डू लिस्ट), उसे तैयार कर लें और उसे प्राथमिकता दें। इससे अगले दिन आप जैसे ही आफिस आएंगे, आपके दिमाग में यह क्लीयर होगा कि आपको किन बातों पर ध्यान फोकस करना है।
  • पहले जो बड़े महत्त्वपूर्ण कार्य हैं, उनसे शुरूआत करें। बाद में छोटे व कम महत्त्वपूर्ण कार्यों को लें। अगर आप छोटे-छोटे कार्यों को ही पहले ले लेंगे तो पता चलेगा आपका आॅफिस का सारा वक्त तो उन्हीं में समाप्त हो गया है। बड़े महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए तो समय ही नहीं बचा। एक बात जो आपको खास ध्यान में रखनी है वो यह कि जिन कार्यों में सिर्फ पांच सात मिनट खर्च होने हैं, उन्हें जरूर निपटा लें ताकि आपका कार्यबोझ कम रहे और शेष कार्यों के लिए रास्ता साफ रहे और दिमाग से कम से कम ये छोटे कार्य निकल जाएं, लेकिन इन कार्यों के लिए टाइम लिमिट रखें।
  • अपने आफिस और डेस्क को व्यवस्थित रखें। हर चीज अपनी जगह हो ताकि उन्हें ढूँढने में व्यर्थ समय न गंवाना पड़े। आपके महत्त्वपूर्ण कागज़ और चीजें इधर-उधर न हो जाएं।
  • आफिस वर्क करते हुए अपनी प्राथमिकताओं को समझ कर उन पर अमल करना बहुत जरूरी है। ये प्राथमिकताएं लंबे समय की भी हो सकती हैं और रोजमर्रा की भी।
  • आफिस संबंधी सारे कार्य केवल अपने ही जिम्मे लेने की गलती न करें। कार्यभार कम करने के लिए उसे काबिल व्यक्ति को देने में न हिचकिचाएं।
  • आफिस टाइम मैनेजमेंट में स्मार्ट (उरटअफळ) गोल्स की बहुत अहमियत है। इसका फुल फार्म है – (उर) स्पेसिफिक, (ट) मेजरेबल (अ) अचीवेबल, (फ) रिकार्डिग और (ळ) टाइमली। इसे ध्यान में रखकर चलेंगे तो आप जान पायेंगे कि आप क्या करते जा रहे हैं। सफलतापूर्वक पूरा हो जाने पर उसे जांचें परखें। स्मार्ट गोल्स आपको यह बताने में उपयोगी हैं कि आपको अपने सपने पूरे करने के लिए क्या कदम लेने चाहिएं।
  • आॅफिस टाईम मैनेजमेंट को असरदार बनाने या उसमें व्यवधान डालने में टेक्नॉलाजी का हाथ हो सकता है। अब यह आप पर है कि आप उसको कैसे हैंडल करते हैं। -उषा जैन ‘शीरीं’
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