Diet in Summer
Diet in Summer गर्मी में ऐसा हो आपका आहार
गर्मी के दौरान सूर्य की तीक्ष्ण किरणें और बढ़ता तापमान शरीर पर अत्यधिक प्रभाव डालते हैं। भीषण गर्मी और हीट वेव शरीर के लिए अत्यधिक खतरनाक भी बन सकती है। शरीर का होमिओसटासिस लगातार शरीर के तापमान को नियंत्रित करने का प्रयास करता है।
लम्बे समय तक तेज गर्मी में रहने से हीट करैम्प्स, हीट रैश व हीट स्ट्रोक जैसी गम्भीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं व उचित खानपान न लेने से डिहाइड्रेशन, थकान, कमजोरी, आलस्य, मंद्पाचन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर के जरूरी अंग प्रभावित हो सकते हैं और समय पर सावधानी न बरतने पर हालत गम्भीर भी हो सकती है। इसलिए इस मौसम में ऐसा आहार विहार चुनें, जो शरीर को ठंडक, ऊर्जा व पर्याप्त पानी प्रदान कर सके।

हाईडरेटिंग आहार का करें सेवन:

  • भीषण गर्मी से बचने का सबसे शक्तिशाली उपाय है ऐसा आहार लें, जो शरीर में पानी की कमी न होने दे। ऐसा खान-पान चुनें जो शरीर को ठंडा भी रखे। तरबूज, खरबूजा, पपीता, खीरा, ककड़ी जैसे मौसमी फलों का सेवन करें।
  • बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए रामबाण हैं सब्जा सीड्स। रात को सब्जा सीड्स को पानी में भिगोकर रखें व सुबह सेवन करें। सब्जा सीड्स पानी को सोख लेते हैं व शरीर को अन्दर जाकर धीरे-धीरे पानी प्रदान करते हैं, जिससे आपकी बॉडी हाइड्रेट रहती है।
  • इसके अलावा छाछ, निम्बू पानी, सिकंजवी, नारियल पानी, गूंदकतीरा, लस्सी, सत्तू जैसे देसी पेय शरीर को ठंडक देते हैं व शरीर को पौषक तत्व भी प्रदान करते हैं।
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हल्की कसरत भी है जरूरी:

summer 2गर्मियों में हल्की कसरत व योग नियमित तौर पर करते रहें, जिससे रक्त का संचार नियंत्रित रहता है। तेज चलना, स्ट्रेचिंग, योग, हल्की वेट लिफ्टिंग से खून की नाड़ियाँ सेहतमंद रहती है व मांसपेशियाँ मजबूत रहती हैं। इससे शरीर मौसम में होने वाले बदलाव का सामना बेहतर ढंग से करता है।

क्या न करें:

  • गर्मियों में ज्यादा मिर्च और तीक्ष्ण मसाले वाला भोजन शरीर की पित्त-आन्तरिक गर्मी को बढ़ा देता है। इनमें मौजूद तत्व शरीर के मेटाबोलिज्म को बढ़ा देते हैं, जिससे पसीना ज्यादा आता है व प्यास अधिक लगती है। साथ ही साथ पेट में जलन और ऊष्णता का एहसास निरंतर बना रहता है।
  • गर्मियों के दौरान तला हुआ और अत्यधिक तैलीय आहार लेना सही नहीं है। पैक्ड फूड्स, फास्ट फूड्स, ज्यादा नमकीन स्नैक्स का भी सेवन न करें। ऐसी चीज़ें पचाने में शरीर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ऊर्जा व पानी की क्षीणता होने का खतरा बना रहता है। इससे थकान, बेचैनी, सुस्ती, आलस्य व कमजोरी को बढ़ावा मिलता है।
  • इसके अलावा चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स व कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन न करें, क्योंकि ये पदार्थ तेजी से शरीर से पानी को निकालते हैं।

अमृत है मटके का पानी

गर्मी के मौसम में हाइड्रेट रहने का सबसे सस्ता, प्राकृतिक व प्रभावी तरीका है मटके का पानी। मटके के पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और प्राकृतिक ठंडक मिलती है। यह पानी पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाता है। इससे शरीर का पीएच लेवल संतुलित रहता है। इसलिए घर में मिट्टी का घड़ा जरूर रखें और इसका रोज़ाना सेवन करें।

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