Pawanmuktasana

Pawanmuktasana: गैस व अपच में फायदेमंद पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन संस्कृत के दो शब्द पवन और मुक्त से मिलकर बना है। पवन का अर्थ है हवा। मुक्त का अर्थ है छोड़ना। इसे अंग्रजी में ह्रल्ल िफी’्री५्रल्लॅ ढङ्म२ी कहा जाता है। मतलब ऐसा योगासन जो शरीर से गैस या अपच को बाहर निकालने में मदद करता है। पवनमुक्तासन सबसे पहले कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में बेहद फायदेमंद है।

जब हम इस आसन को करते हैं पेट पर दबाव पड़ने से छोटी आंत और बड़ी आंत की अच्छी मालिश हो जाती है, जिससे पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है और पेट में जमा हुआ गैस बाहर निकल जाता है। जिन लोगों को पेट फूलने व गैस बनने की दिक्कत रहती है, उनके लिए ये योेगासन प्राकृतिक रूप से अपनी भूमिका निभाता है।

खासकर जो लोग कंप्यूटर व लैपटोप पर काम करते हैं, उन्हें पीठ दर्द की शिकायत रहती है और लगातार बैठे रहने से पेट फूलने व चर्बी बढ़ने के परिणाम सामने आते हैं। वो इस आसन से बहुत हद तक राहत प्राप्त कर सकते हैं।Pawanmuktasana 1

पवनमुक्तासन करने का तरीका:-

  • योगा मैट या चटाई पर कमर के बल सीधे लेट जाएं।
  • सांस छोड़ते हुए बाएं घुटने को मोड़कर जितना संभव हो पेट की तरफ लेकर आएं। जबरदस्ती न करें।
  • उसके बाद गर्दन को उठाते हुए घुटने को नाक से छूने की कोशिश करें।
  • 10 से 30 सैकिंड तक इस मुद्रा में रुकने के बाद सांस लेते हुए घुटने को सीधा करें और गर्दन को नीचे ले जाएं।
  • ठीक इसी तरह दाएं घुटने को मोड़ते हुए दूसरी तरफ से पवनमुक्तासन करें।
  • दोनों तरफ से होने के बाद दोनों घुटनों को एकसाथ मोड़कर करें। सांस लेने की क्रिया व रूकने का समय आपने ही निर्धारित करना है।
  • इन तीनों स्थितियों की प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं।
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Pawanmuktasana फायदे:-

  • पाचन तंत्र की गड़बड़ को ठीक करता है।
  • अमाश्य, लीवर, आंत और पैंक्रियाज़ की क्रियाशीलता को बढ़ाता है।
  • रीढ़ व पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
  • रक्त संचार को नियमित करता है।
  • पेट, कमर व पैल्विक की मांसपेशियों को टोन करता है।
  • हानिकारक टोक्सिन्स को बाहर निकालता है।
  • ऐसिडिटी को कम करता है व अनचाही गैस को खत्म करता है।
  • फैट बर्न करने व वजन कम करने में मदद करता है।
  • सियाटिका, कमर दर्द या स्लिप डिस्क की परेशानी हो तो पवनमुक्तासन करना चाहिए।
  • अर्थराइटिस में भी ये आसन बहुत ही फायदेमंद है।

Pawanmuktasana सावधानियाँ:-

  • जो पीठ दर्द व गर्दन दर्द से पीड़ित है, उन्हें गर्दन नहीं उठानी चाहिए यानि सिर धरती पर ही लगा रहे।
  • यदि उच्च रक्तचाप हो तो पवनमुक्तासन करते वक्त सावधानी बरतें।
  • पवनामुक्तासन ज्यादातर खाली पेट ही करना चाहिए।
  • सीने में दर्द है या पुरानी चोट हो तो इस आसन से बचें।
  • गर्भवती महिलाओं को इस आसन से परहेज़ करना चाहिए।
  • यदि पेट मे अल्सर या हर्निया हो तो ये आसन नहीं करना चाहिए।
  • आसन करने से पहले वार्मअप एक्सरसाईज अच्छे से कर लें, नहीं तो गर्दन या कमर में खिंचाव हो सकता है।

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