Editorial

Editorial: माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान है सर्वोपरि -सम्पादकीय

Editorial माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान है सर्वोपरि -सम्पादकीय आजकल बच्चों में वैचारिक भटकाव की स्थिति ज्यादा देखने को मिलती है। पाश्चात्य संस्कृति के नाम...
Create your unique identity

Unique identity: बनाएं अपनी विशिष्ट पहचान

बनाएं अपनी विशिष्ट पहचान समान योग्यता के प्रतिस्पर्धी आपसे पिछड़ सकते हैं बशर्ते अपने पक्ष को आप सुंदर तरीके से सहजता और शालीनता से रखें।...
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Editorial: डोर अपनी गुरु के हाथ में दे… सम्पादकीय

Editorial: डोर अपनी गुरु के हाथ में दे... सम्पादकीय रूहानियत-सूफियत सच्चे रूहानी संत-महापुरुषों, रूहानी पीर-फकीरों से ही शुरु होती है और इन्हीं महापुरुषों के साथ...
Chadha Basanti celebration - Basant Panchami (February 5)

चढ़ा बसंती खुमार -बसंत पंचमी (5 फरवरी)

चढ़ा बसंती खुमार -बसंत पंचमी (5 फरवरी) न ठंडी, न गर्म, न चुभने वाली, न डराने वाली! बसंत की हवाएं तो बस सुहानी होती हैं।...
speaking in anger is harmful -sachi shiksha hindi

भड़ास निकालने के लिए बोलना अहितकारी

भड़ास निकालने के लिए बोलना अहितकारी वाणी पर संयम बहुत जरूरी है। शायद इसीलिए कहा भी गया है, ‘कम बोल अच्छा बोल’। बंदूक से निकली...
Lohri

Lohri: जी भर के मनाएं लोहड़ी की खुशियां

जी भर के मनाएं लोहड़ी की खुशियां Lohri लोहड़ी व मकर-सक्रांति पर्व नववर्ष के आरंभ में मनाया जाने वाला पहला पर्व है। यह एक ऐसा...
Corona virus

Corona virus: घातक है कोरोना वायरस

घातक है कोरोना वायरस Corona virus बचाव के लिए डाइट व सावधानियां जरूरी इन दिनों पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खतरे से जूझ रही है। चीन,...
कुछ बातें बताना भी जरूरी हैं

Important thing: कुछ बातें बताना भी जरूरी हैं

कुछ बातें बताना भी जरूरी हैं Important thing पड़ोस में शर्मा साहिब की हृदयाघात से अचानक मृत्यु हुई। बेटे-बेटी तथा अन्य रिश्तेदारों को सूचित करने...
Relatives

Relatives: रिश्तेदारी में जाने से क्यों कतराते हैं बच्चे 

Relatives रिश्तेदारी में जाने से क्यों कतराते हैं बच्चे एक समय था जब बच्चे गर्मी में स्कूल की छुट्टियाँ होते ही अपने दादी-नानी के घर...
Hearing the call of God, God has come for himself - Sachi Shiksha

संपादकीय : सुन के पुकार रूहों की खुदा खुद लेने आ गया..

अति शुभ घड़ी होती है वह जब संत-सतगुरु सृष्टि पर अवतार धारण करते हैं। ऐसे महान संत खुद परमेश्वर स्वरूप होते हैं। अपनी बिछुड़ी रूहों को अपने साथ-मिलाने को परमेश्वर खुद उन्हें जीव सृष्टि पर भेजता है।

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Experience of Satsangis: प्रचण्ड आग से सुरक्षित निकाला

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Spiritual Satsang: सेवा के साथ सुमिरन करो, सोने पे सुहागा

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